कार्तिक मास को हिंदुओं का पवित्र महीना क्यों माना जाता है? कार्तिक मास के दौरान कुछ अनुष्ठान और उनके महत्व

हिंदू धर्म में कार्तिक महीना सबसे पवित्र महीना है। आज से कार्तिक मास की शुरुआत हो गयी है। जो 27 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा को समाप्त होगा।  

कार्तिक मास के दौरान कुछ अनुष्ठान और उनके महत्व दिए गए हैं।

मोक्ष: कार्तिक मास हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। और ऐसा माना जाता है कि इस महीने के दौरान पूजा, अनुष्ठान और अन्य शुभ उत्सव (कार्य)करने से जीवन में हर तरह की खुशी बनी रहती है। यह महीना सर्वोच्च देवताओं भगवान विष्णु और शिव दोनों के लिए सबसे पसंदीदा महीना माना जाता है। और माना जाता है कि कार्तिक मास के दौरान उनकी प्रार्थना करने से मोक्ष मिलता है।

स्नान: भक्त जन पूरे महीने हर दिन सुबह 4 बजे उठकर औपचारिक और आध्यात्मिक तरीके से स्नान करते हैं। स्नान करने के उपरांत माँ तुलसी को जल चढ़ाना कार्तिक मास के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है, और ऐसा माना जाता है कि यह कार्य घर में सभी प्रकार की खुशियाँ का आगमन परधान करता है। 

शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि भक्त जन पुरे मास में पवित्र नदियों में स्नान और करते है जिससे उनके कष्टों और दुखो से निवारण होता है

दीया जलाना: कार्तिक मास में भक्त हर शाम को माता तुलसी को अर्पित करते है और उनकी पूजा करते हैं माना जाता है की माता तुलसी भकतो के सारे कष्ट और दुःख हर लेती है। और उनकी हर मुराद पूरी करती है। 

माँ तुलसी मंत्र : महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।

मान्यता है। की माँ तुलसी के इस मंत्र को 108 बार बोलने से कष्टों का निवारण होता है

कार्तिक पुराण का पाठ: कार्तिक मास के दौरान कार्तिक पुराण का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। प्रतिदिन कार्तिक पुराण का कम से कम एक अध्याय अत्यंत पुण्यदायी है। कार्तिक पुराण का पाठ करने से चारधाम मंदिरों के दर्शन के बराबर का फल पर्यापत होता है।

पूजा-अर्चना: इस महीने के दौरान लोग देवी तुलसी, भगवान विष्णु, भगवान कार्तिकेय और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं जिससे करने से मन को शांति और घर के सभी प्रकार की दुखो और कष्टों का निवारण होता है और घर में धन समृद्धि बनी रहती है।  

दान देना: माना जाता है कि कार्तिक मास में गरीबों और असहायों को दान करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।

कार्तिक माह में अन्न, वस्त्र, तिल, दीपक आदि दान करने की सलाह दी जाती है। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती है और आपके घर में कभी धन  और बरकत में कभी कमी नहीं होने देती है।

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